सोमवार, 16 अक्तूबर 2023

ओलंपिक की मेजबानी करने उत्साहित है भारत

मोदी सरकार के कार्यकाल में अन्य क्षेत्रों की भाँति खेल के क्षेत्र में भी भारत ने उत्साहवर्धक प्रगति की है। देश में खेलों को लेकर एक सकारात्मक वातावरण बन गया है। जिसका परिणाम हैं कि भारत के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अतंरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों से उत्साहित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते शनिवार को ओलंपिक समिति के एक सत्र को संबोधित करते हुए वह बात कह दी, जिसको सुनने की प्रतीक्षा भारत के नागरिक लंबे समय से कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी भारत करना चाहेगा। ओलंपिक की मेजबानी प्राप्त करने के लिए भारत कोई कसर नहीं छोड़ेगा। यदि भारत ओलंपिक खेलों की मेजबानी प्राप्त करने में सफल होता है, तब यह एक बड़ी उपलब्धि होगी।

ओलंपिक दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन है। ओलंपिक खेलों की मेजबानी, मेजबान देश के सामर्थ्य को प्रकट करती है। भारत के खेलप्रेमी नागरिक लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे हैं कि दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित एवं सबसे बड़ा खेल आयोजन भारत में कब होगा? प्रधानमंत्री मोदी ने जिस प्रकार की प्रतिबद्धता दिखायी है, उससे यही समझा जा सकता है कि भारत के खेलप्रेमियों की बहुप्रतीक्षित अभिलाषा निकट भविष्य में पूरी हो सकती है। उल्लेखनीय है कि भारत में खेलों के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण सदैव से रहा है लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने खेल संस्कृति के उत्थान पर बहुत ध्यान नहीं दिया, जिसका परिणाम यह रहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हमारा प्रदर्शन लगातार कमजोर होता गया। जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पहली ही सरकार के समय से खेलों पर विशेष ध्यान दिया। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन को ध्यान में रखकर मोदी सरकार ने योजनाएं ही प्रारंभ नहीं की अपितु उनका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन भी कराया। उसका सुफल हमें पिछले ओलंपिक में भी प्राप्त हुआ और हाल ही में सम्पन्न हुए एशियाई खेलों में तो भारत ने अपने पुराने सभी कीर्तिमान ध्वस्त कर नयी इबारत ही लिख दी। भारतीय दल ने हांगझोऊ में आयोजित एशियाई खेल-2023 की शानदार शुरुआत करते हुए पहला पदक 24 सितंबर को ही जीत लिया। उसके बाद लगातार पदकों की जीत की झड़ी ही लग गई। इस आयोजन में भारत ने 107 पदक के साथ अपना अभियान समाप्त किया। 

गौरव की बात है कि पहली बार भारत ने एशियाई खेलों में पदक जीतने का अपना शतक पूरा किया। 2018 के एशियाई खेलों में भारत के 570 सदस्यीय मजबूत दल से 70 पदक अर्जित करके एशियाड में अपना सबसे ज्यादा पदक का रिकॉर्ड बनाया था। जबकि 2023 में भारतीय दल ने अपने पिछले कीर्तिमान को पीछे छोड़कर 107 पदक जीतने का नया कीर्तिमान रच दिया। भारत के हिस्से 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य पदक आए हैं। यह भी रेखांकित करने की बात है कि पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा। नि:संदेह, इन सब उपलब्धियों ने ही भारत के प्रधानमंत्री को ओलंपिक खेलों की मेजबानी की आकांक्षा को व्यक्त करने की प्रेरणा दी होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने उचित ही कहा कि भारत में खेलों की एक समृद्ध परंपरा रही है, जो सिंधु घाटी सभ्यता (राखीगढ़ी शिलालेख) के समय से चली आ रही है। 

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