रविवार, 27 जनवरी 2019

रिश्ते



किसी ने तुमसे कह दिया- समुन्दर है सबसे धीर-गंभीर 
और तुमने मान लिया, बाप ने बेटी से कहा। 
पर तुमने कभी मुझसे पूछा ही नहीं 
और कभी मेरे हृदय में देखा ही नहीं।।

किसी ने तुमसे कह दिया- आकाश है सबसे ऊंचा
और तुमने मान लिया, गुरु ने शिष्य से कहा। 
पर तुमने कभी मुझसे जाना ही नहीं 
और कभी मेरे गुरुत्व में देखा ही नहीं।।

किसी ने तुमसे कहा दिया- महासागर में है सबसे अधिक पानी
और तुमने मान लिया, मां ने अपने बच्चों से कहा।
पर तुमने कभी मुझसे पूछा ही नहीं 
और कभी मेरी आंखों में देखा ही नहीं।।

किसी ने तुमसे कह दिया- बरगद की जड़ें हैं सबसे गहरी, मजबूत
और तुमने मान लिया, निश्छल मित्र ने मित्र से कहा
पर तुमने कभी मुझे समझा ही नहीं
और कभी अपनी दोस्ती की जड़ों में देखा ही नहीं।। 

- लोकेन्द्र सिंह -
("मैं भारत हूँ" काव्य संग्रह में शामिल कविता)

गुरुवार, 17 जनवरी 2019

किताब में 'रिपोर्टिंग की क्लास'

- लोकेन्द्र सिंह 
पत्रकारिता पर यूं तो बहुत किताबें उपलब्ध हैं। पत्रकारिता के सबसे महत्वपूर्ण आयाम रिपोर्टिंग के संबंध में भी समय-समय पर अनेक किताबें आती रही हैं। इन सब किताबों के बीच 'क्लास रिपोर्टर' कुछ खास है। उसके खास होने की वजह पत्रकार और मीडिया शिक्षक जयप्रकाश त्रिपाठी का लम्बा अनुभव है, जिसे उन्होंने किताब के रूप में समाज के सम्मुख प्रस्तुत किया है। लेखक श्री त्रिपाठी करीब 30 साल तक पत्रकारिता में सक्रिय रहे हैं। लम्बे समय तक विभिन्न शिक्षण संस्थानों में मीडिया अध्यापन से भी जुड़े रहे। पत्रकारिता के विद्यार्थी को क्लास रूम में पढ़ाने के दौरान ही उन्होंने रिपोर्टिंग पर एक मुक्कमल किताब 'क्लास रिपोर्टिंग' लिखने की योजना संभवत: बना ली थी। पुस्तक में बाईस अध्याय हैं। इन अध्यायों में रिपोर्टिंग के विभिन्न पक्षों पर गहराई से चर्चा की गई है। पुस्तक ऐसी बन गई है कि यह न केवल पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है बल्कि नये रिपोर्टर के लिए भी उतनी ही पठनीय है।

गुरुवार, 10 जनवरी 2019

न्याय में अब देर न हो


- लोकेन्द्र सिंह -
सर्वोच्च न्यायालय में आज फिर श्रीराम जन्मभूमि का मामला आएगा। हिंदुओं की आस्था और भावनाओं से जुड़े इस बहुप्रतीक्षित मामले की सुनवाई के लिए पाँच न्यायमूर्तियों की संवैधानिक पीठ तय हो गई है। हिंदू समाज प्रार्थना कर रहा है कि मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में यह पीठ श्रीराम जन्मभूमि मामले की सुनवाई आज से नियमित करे और शीघ्र ही निर्णय सुनाए, ताकि न्याय की प्रतीक्षा समाप्त हो। इस प्रकरण में न्यायालय का अब तक का रुख देखकर आशंका भी है कि सुनवाई फिर न टल जाए। क्योंकि, मुख्य न्यायाधीश स्वयं भी इसे राजनीतिक तौर पर संवेदनशील मानते हैं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं अधिवक्ता कपिल सिब्बल पहले ही श्रीराम जन्मभूमि के मामले को 2019 के बाद तक टालने की माँग से लेकर प्रयास तक कर चुके हैं। पिछली बार ही 4 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले पर मात्र 60 सेकंड तक सुनवाई चली। इस दौरान कोई भी पक्ष अपना तर्क प्रस्तुत नहीं कर सका था। उस दिन मात्र 60 सेकंड में न्यायमूर्ति ने मामले को 10 जनवरी तक टाल दिया था। इससे पहले भी न्यायमूर्ति लोग कह चुके हैं कि श्रीराम मंदिर निर्माण का प्रकरण उनकी प्राथमिकता में नहीं है। इसलिए ही हिंदू समाज आशंकित है कि आज से नियमित सुनवाई प्रारंभ हो सकेगी या मामला फिर से टाल दिया जाएगा।

बुधवार, 2 जनवरी 2019

दुर्गा धारा : अमरकंटक का एक और आकर्षक जल प्रपात


- लोकेन्द्र सिंह - 
दुर्गा धारा एक बहुत छोटा जल प्रपात है, लेकिन बहुत रमणीय है। मई माह की गर्मी में भी यह झरना चल रहा था। बारिश में यहाँ के दृश्य की कल्पना करके ही मन आल्हादित हो रहा था और इच्छाएं बार-बार हूँक मार रही थीं कि एक बार इस स्थान पर बरसात में जरूर आना चाहिए। पहाड़ों में ऊपर स्थित अमरनाला या अमरताल से होकर निकली धारा तकरीबन दो-तीन किमी की दूरी सघन वन में तय करके यहाँ जल प्रपात के रूप में गिरती है।