गुरुवार, 8 अक्टूबर 2015

बिहार में कमल खिलने को तैयार

 बि हार में मतदान से एक सप्ताह पहले इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता का सर्वे एनडीए के लिए खुशखबरी लेकर आया है। लोकनीति और सीएसडीएस ने इंडियन एक्सप्रेस समूह के लिए चुनाव पूर्व यह सर्वेक्षण किया है। बिहार में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने के संकेत सर्वे से मिल रहे हैं। यह सर्वे भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने वाला साबित होगा। बिहार का मैदान फतेह करने के लिए पूरी ताकत से मेहनत कर रहीं एनडीए गठबंधन की सभी पार्टियां और उनके कार्यकर्ता अब आखिरी सप्ताह में और जोश-जज्बे के साथ मतदाताओं से मिलेंगे।

बुधवार, 7 अक्टूबर 2015

न्यूज चैनल्स का एजेंडा क्या है?

 ति ल का ताड़ और राई का पहाड़ बनाने की कला किसी को सीखनी हो तो न्यूज चैनल्स से सर्टिफिकेट कोर्स किया जा सकता है। हमारे न्यूज चैनल्स इसमें माहिर हैं। बात का बतंगड़ बनाना भी उन्हें बखूबी आत है। मुद्दों को सुनियोजित दिशा में मोडऩे की कलाकारी भी उनसे सीखी जा सकती है। संदर्भ हटाकर किसी एक वाक्य पर रायता फैलाने में टीवी पत्रकारिता अव्वल होती जा रही है। टीआरपी का बेताल पीठ पर सवार है या फिर न्यूज चैनल्स का कोई और एजेंडा है? टीआरपी के चक्कर में टीवी मीडिया घनचक्कर हो गया है, यह हम सभी जानते हैं। लेकिन, इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि कुछ टीवी चैनल्स के मालिकों, संपादकों और पत्रकारों के भी अपने एजेंडे हैं। अपनी विचारधारा है। अपना चिंतन है। विचारधारा और चिंतक होना कोई अपराध नहीं, होना ही चाहिए। लेकन, पत्रकारिता का धर्म कहता है कि खबर लिखते-दिखाते-सुनाते समय अपनी विचारधारा को किनारे रख देना चाहिए। जरा खुलेमन से सोचिए, पत्रकार अपने धर्म का पालन कर रहे हैं क्या? सब पत्रकार एक जैसे नहीं हैं। लेकिन, देखने में आ रहा है कि अधिकतर पत्रकार या तो चैनल की विचारधारा के दबाव में या फिर अपनी विचारधारा के दबाव में पत्रकारिता के धर्म का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसा करके वे समूची पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करवा रहे हैं।

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2015

बजट में होगी आम आदमी की चिंता

 वि त्त मंत्री अरुण जेटली ने संकेत दिए हैं कि आगामी बजट में आम आदमी का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि एनडीए सरकार इस बार आयकर में छूट की सीमा बढ़ाने जा रही है। इससे निम्न और मध्यम वर्ग की जेब में अधिक पैसा बचेगा। वित्त मंत्री की ओर से दिए गए आयकर छूट बढ़ाने के संकेत आम भारतीय परिवारों के लिए राहत का पैकेज है। आर्थिक आधार पर देखें तो भारत में निम्म और मध्यम वर्ग ही बहुसंख्यक हैं। सीमित आय में परिवार का संचालन करने की कठिन चुनौती उनके सामने रहती है। महंगाई अपनी रफ्तार से बढ़ती जा रही है जबकि आय कछुआ गति से बढ़ती है।

सोमवार, 5 अक्टूबर 2015

शशांक मनोहर का अध्यक्ष बनना

 भा रतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष के तौर पर शशांक मनोहर के नाम पर अंतिम मोहर लग गई है। बीसीसीआई के सबसे ताकतवर और प्रभावशाली अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के दुनिया से जाने के बाद नए अध्यक्ष को लेकर खेल जगत से लेकर भारतीय राजनीति और मीडिया में खूब खबरें चल रही थीं। नागपुर के वकील और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शशांक मनोहर के फिर से अध्यक्ष बनने की खबरों को अधिक प्रमाणिक माना जा रहा था, जो आखिर सच साबित हुईं। शशांक मनोहर के मुकाबले एन. श्रीनिवासन मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन, रविवार को होने वाली एसजीएम की बैठक से पहले ही श्रीनिवास खेमे ने हथियार डाल दिए। ईस्ट जोन के छह संगठनों ने शशांक मनोहर के नाम पर मोहर लगाई है। बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष के लिए एकमात्र नाम होने से उन्हें सर्वसमत्ति से चुन लिया गया।

सुषमा स्वराज का करारा जवाब

 सं युक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। उन्होंने पाकिस्तान को दो टूक कह दिया है कि नवाज शरीफ जी चार सूत्रों की जरूरत नहीं है। एक ही सूत्र काफी है। आतंकवाद छोडि़ए और बैठकर बात कीजिए। इससे पूर्व संयुक्त राष्ट्रसभा में बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हमेशा की तरह कश्मीर राग अलापा था। शरीफ ने भारत पर बातचीत नहीं करने और पाकिस्तान में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया था। कश्मीर का मसला सुलझाने के लिए पाकिस्तान ने भारत पर चार बेतुकी शर्तें थोप दी थीं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इन्हीं चार शर्तों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को मुंहतोड़ जवाब दिया है।

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2015

स्वच्छ भारत अभियान का एक वर्ष

 आ ज स्वच्छ भारत अभियान का एक वर्ष पूरा हो रहा है। पिछले वर्ष महात्मा गाँधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी सरकार के इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत की थी। अभियान का उद्देश्य शहरों और गाँवों को स्वच्छ बनाने का है। इसके तहत शहरों-गाँवों में शौचालयों का निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सुविधा, मैला ढोने की प्रथा का उन्मूलन करना, स्वच्छ और शुद्ध पेयजल का प्रबंध करना आदि शामिल है। अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहते हैं। स्वच्छता को आदत बनाना उनका मुख्य उद्देश्य प्रतीत होता है। इसके लिए उन्हें समाज के प्रमुख और प्रभावशाली व्यक्तियों को स्वच्छ भारत अभियान से जोड़ा है। ताकि वे स्वच्छता के लिए लोगों को प्रेरित कर सकें।

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2015

बोल रहा है कश्मीर

 पा किस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से 'हिन्दुस्थान-हिन्दुस्थान' की आवाजें आ रही हैं। वहाँ की आवाम भारत आना चाहती है। प्रदर्शन कर रहे लोगों को साफ तौर पर यह कहते हुए सुना जा रहा है कि हम भारत जाना चाहते हैं। भारत में अमन का माहौल उन्हें आकर्षित कर रहा है। पाकिस्तान की बदहाली उन्हें चिंतित किए हुए है। अप्रत्यक्ष तौर पर आतंकवाद का पोषण करने के अपने प्रमुख एजेंडे के कारण पाकिस्तान पीओके की आवाम की जरूरतों का ख्याल नहीं रख सका है। जिहाद के नाम पर पीओके के युवाओं को लम्बे समय से बरगलाया जा रहा है। जिहाद के पीछे की असल मंशा जब युवाओं को समझ आने लगी तो वे आतंकी संगठनों में भर्ती होने से इनकार लगे हैं।