रविवार, 23 सितंबर 2018

हैरतंगेज और रोमांचक नृत्य भवई

- लोकेन्द्र सिंह
भवई, राजस्थान के पारंपरिक लोक नृत्यों में से एक है। यह नृत्य बहुत कठिन है। हैरतंगेज और अत्यंत रोमांचक भी। जब नर्तकियां भवई की प्रस्तुति देती हैं, तो लोग दाँतों तले अंगुलियां दबा कर उनकी प्रस्तुति देखते हैं। भवई नृत्य के लिए लंबी नृत्य साधना की आवश्यकता होती है। कुशल कलाकार ही इस नृत्य की प्रस्तुति दे सकते हैं। भवई नृत्य में नर्तकियां अपने सिर पर 7 से 8 घड़े एक के ऊपर एक रखकर संतुलन बनाते हुए नाचती हैं। उसके बाद इस नृत्य को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए यह नर्तकियां सिर पर घड़े रख कर काँच या अन्य धातु के गिलास पर पैर रखकर नाचती हैं। दर्शक सबसे अधिक हैरत में तब पड़ जाते हैं, जब यह कुशल नर्तकियां नंगी तलवारों के ऊपर चढ़ कर नाचती हैं। 
          मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 11-12 अगस्त, 2018 को आयोजित 'यंग थिंकर्स कॉन्क्लेव' में राजस्थानी कलाकारों की भवई नृत्य की एक प्रस्तुति दी। उस शानदार प्रस्तुति की छोटी-सी वीडियो क्लिप की लिंक यहाँ दी हुई है। उस लिंक पर क्लिक करके आप भी रोमांचित करने वाले भवई नृत्य का आनंद ले सकते हैं। उल्लेखनीय है कि भवई नृत्य में पुरुष संगीतकार नर्तकियों के लिए पृष्ठभूमि संगीत बजाता है। संगीत के लिए कई यंत्र जैसे पखावज, ढोलक, झांझर, सारंगी और हार्मोनियम बजाए जाते हैं। आमतौर पर इसके साथ ही मधुर राजस्थानी लोक गीत भी संगीतकारों द्वारा गाया जाता है। नर्तकियों सहित सभी कलाकार राजस्थान के पारंपरिक रंगीन और सुंदर कपड़े पहनते हैं। 
          यह रहा भवई नृत्य का लिंक। 

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