मेरे बारे में


गालब ऋषि की पावन भूमि और वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की रणभूमि ग्वालियर में जन्म पाया। लम्बे अरसे से बतौर पत्रकार, समाजसेवी और साहित्यकार राजनीतिक-सामाजिक व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाने की कोशिश में। समाज में राजनीतिक चेतना और सामाजिक मूल्यबोध को बढ़ावा देने के लिए लेखन के साथ ही सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी। पत्रकार जीवन की शुरुआत स्वदेश, ग्वालियर से हुई। ग्वालियर का 'स्वदेश' पत्रकारिता की पाठशाला है। दैनिक भास्कर (ग्वालियर), पत्रिका (ग्वालियर-भोपाल) और नईदुनिया (ग्वालियर) में भी कार्य किया। समसामयिक विषयों पर आलेख, कविता, कहानी, यात्रा-वृतांत एवं फीचर देशभर के समाचार पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। राजनीतिक मुद्दों पर चुनिंदा लेखों का संग्रह 'देश कठपुतलियों के हाथ में' प्रकाशित। यह पुस्तक देशभर में चर्चा का विषय बनी।  
      रायपुर से प्रकाशित उदंती, दिल्ली से प्रकाशित मीडिया क्रिटिक, प्रथम प्रवक्ता, शुक्रवार, पांञ्चजन्य, जाह्नवी, लखनऊ से प्रकाशित इंडिया इनसाइड, भोपाल से प्रकाशित चरैवेति, प्रादेशिक समाधान पत्रिकाओं के साथ ही प्रमुख समाचार पत्र- एलएन स्टार साप्ताहिक (भोपाल), दैनिक छत्तीसगढ (रायपुर), डेली न्यूज़ (जयपुर), भारतवाणी साप्ताहिक (नागपुर), स्वदेश (ग्वालियर), पत्रिका (मध्यप्रदेश), साहित्यिक पत्रिका इंगित (ग्वालियर), वीणा (इंदौर) और साहित्य अमृत (दिल्ली) आदि में समय-समय पर समसामयिक लेख सहित अन्य रचनाएं प्रकाशित, ईटीवी, उत्तरप्रदेश से कविता का प्रसारण। प्रमुख अंतरजाल - प्रवक्ता, विस्फोट, भड़ास4मीडिया, सृजनगाथा, नव्या, नेटवर्क6, युगमानस, स्पंदनफीचर सहित अन्य ब्लॉग पोर्टल पर भी लगातार लेखन कार्य। वे ब्लॉग अपनापंचू के माध्यम से ब्लॉग जगत में सक्रिय।
ब्लॉग लेखन के लिए दिल्ली की सामाजिक संस्था शोभना वेलफेयर सोसायटी ने ब्लॉग रत्न से सम्मानित किया। विद्यार्थी जीवन में सेवाभारती के माध्यम से पिछड़ी बस्तियों में बाल संस्कार केंद्र और शिक्षा के प्रकल्प शुरू किए। उनके इन कार्यों को देखते हुए भारत विकास परिषद् ग्वालियर और स्टेट बैंक ऑफ इंदौर उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। पुस्तक 'देश कठपुतलियों के हाथ में' के लिए राष्ट्रीय पत्र लेखक मंच ने अभिनंदन किया। 

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