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लोकेंद्र
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शनिवार, 16 मार्च 2013
नक्सलियों को खुली चुनौती
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रा म-कृष्ण, बुद्ध और गांधी के देश में हिंसक संघर्ष बर्दाश्त नहीं है। ध्येय कितना भी ऊंचा, पवित्र और जनहित का हो लेकिन उसे पाने के लिए उ...
5 टिप्पणियां:
सोमवार, 11 मार्च 2013
समान अधिकार और सम्मान चाहिए, विशेषाधिकार नहीं
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बैं क में भारी भीड़ थी। लोग घंटों से लाइन में लगे अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। तभी कॉलेज की एक लड़की आती है। उम्र २०-२२ साल। तंग कपड़...
18 टिप्पणियां:
रविवार, 3 मार्च 2013
सोने के दांत वाले लोगों का देश
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सो वियत संघ यानी रूस। लम्बे समय तक अमरीका का सीधा प्रतिद्वंद्वी रहा। अभी भी है। महाशक्ति रूस। १९९० में सोवियत संघ का विघटन शुरू हुआ। कम...
7 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2013
हिन्दुओं के लिए दोहरी त्रासदी था विभाजन
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१४ अगस्त १९४७ आधुनिक भारत का सबसे दु:खद दिन था। कुछ सिर-फिरे नेताओं की सत्तालोलुपता के कारण दोनों ओर से हजारों-लाखों लोगों को मार डाला...
24 टिप्पणियां:
शनिवार, 19 जनवरी 2013
भारत, विज्ञान और सोशल मीडिया
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स्कू ल-कॉलेज के समय अक्सर एक सवाल मन में नागफनी-सा चुभता था कि विज्ञान की किताबों में डब्ल्यू के रोएण्टजेन, जेएच वैंटहाफ, एई वॉन बेहरिं...
13 टिप्पणियां:
शनिवार, 12 जनवरी 2013
भारत यानी गाँव नहीं
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रा ष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत के बयान के बाद भारत बनाम इंडिया की बहस शुरू हुई है। संघ पर हमला करने के लिए तैयार ब...
11 टिप्पणियां:
सोमवार, 31 दिसंबर 2012
दामिनी कह गई- अब सोना नहीं
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दु: खद, बेहद दु:खद 2012 का आखिरी शनिवार। दामिनी चली गई। हमेशा के लिए इस बेदर्द दिल्ली से। बेहया दुनिया से, जहां उसे सिर्फ मांस की तरह द...
16 टिप्पणियां:
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