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लोकेंद्र
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शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2012
अब लेनिन के बुत भी बर्दाश्त नहीं
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क भी रूस की ताकत का प्रतीक रहे कम्युनिस्ट लीडर ब्लादिमिर लेनिन की प्रतिमाएं भी लोग बर्दाश्त नहीं कर रहे हैं। हाल ही में मंगोलिया की राज...
29 टिप्पणियां:
रविवार, 21 अक्टूबर 2012
कठिन है ‘शब्द साधना’ की राह
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lokendra singh/लोकेन्द्र अ पने ब्लॉग पर मैंने आखिरी पोस्ट (बड़ों के लिए किस्से बचपन के) २४ सितंबर को प्रकाशित की थी। तब से लेकर अब त...
16 टिप्पणियां:
सोमवार, 24 सितंबर 2012
बड़ों के लिए किस्से बचपन के
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गि रिजा कुलश्रेष्ठ का पहला कहानी संकलन है 'अपनी खिड़की से' । भले ही यह उनका पहला कहानी संग्रह है लेकिन उनकी लेखनी की धमक पहले स...
2 टिप्पणियां:
रविवार, 16 सितंबर 2012
ज्ञान है तो जहान हैं
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कौ न बनेगा करोड़पति का छठवां सीजन शुरू हो गया है। तीसरे ही एपिसोड में जम्मू कश्मीर के मनोज कुमार करोड़पति भी बन गए हैं। अमिताभ बच्चन ने...
8 टिप्पणियां:
गुरुवार, 6 सितंबर 2012
इश्क के सिक्के
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Lokendra singh सुनहरा समय सरक गया हाथों से हम बाहर हो गए उसके ख्वाबों से। निकले थे सफर पर वो हाथ थामकर मृग मरीचिका ने भटका दिया रा...
16 टिप्पणियां:
बुधवार, 29 अगस्त 2012
कठपुतलियों के हाथ में है देश
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लोकेन्द्र सिंह/भारतवाणी दे श का वर्तमान परिदृश्य देखकर लगता नहीं हम आजाद हैं। आजादी के ६६वें सालगिरह पर मनाई पार्टी का भी खुमार नहीं ...
13 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 24 अगस्त 2012
लोकजीवन के लिए 'समरसता के सूत्र'
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स मरसता के सूत्र पुस्तक की प्रस्तावना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक कुप्.सी. सुदर्शन ने लिखी है। इसके अलावा इस पुस्तक के ल...
6 टिप्पणियां:
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