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लोकेंद्र
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शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011
बॉलीवुड को भाने लगा मध्यप्रदेश
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म ध्यप्रदेश, देश का हृदय है। प्राकृतिक सौंदर्य, संपदा और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों से भी खूब समृद्ध है मध्यप्रदेश। इसके सौंदर्य का गुणगान पर...
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मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011
प्रेम और उसका चेहरा
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प्रे म ईश्वर तुल्य है। इसके अहसास को शब्दों की माला में नहीं पिरोया जा सकता। प्रेम को तो वही महसूस कर सकता है जो उसमें आकंठ डूबा हो। यूं ...
4 टिप्पणियां:
शनिवार, 1 जनवरी 2011
दिख रहा है बदलाव
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- हो रही है बात... बदलाव दिखता है और आज मुझे यह दिखा। सुबह-सुबह अखबार देखे तो एक सुखद अनुभुति हुई कि हिन्दी के समाचार पत्रों में अंग्रे...
12 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010
अपने सुख की चाबी अपने जेब में रखें
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च लो आज कुछ दार्शिनिक हुआ जाए। वैसे मैं जिस बात पर दार्शिनिक हो रहा हूं वह मन में कई रोज से चल रही थी। हालांकि उसको अपने व्यक्तित्व में उ...
10 टिप्पणियां:
शनिवार, 18 दिसंबर 2010
जब से शहर आया हूं
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जब से शहर आया हूं........ जब से शहर आया हूं हरी साड़ी में नहीं देखा धरती को सीमेंट-कांक्रीट में लिपटी है जींस-पेंट में इठलाती नवयौवन ...
13 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 26 नवंबर 2010
भारतवर्ष में पैंतालीस साल, मेरी हिन्दी-यात्रा-साइजी माकिनो
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मे रा सारा जीवन हिन्दी के आधार पर ही टिका हुआ है। हिन्दी मेरी मां है। हिन्दी के प्रति मेरी जो वफादारी है, वह मुझे असत्य लिखने नहीं देती। जो...
13 टिप्पणियां:
गुरुवार, 18 नवंबर 2010
...यूं तो बहुत बोलते हैं 'मन'
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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी , मनमोहन मौन भा रत के प्रधानमंत्री 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर ऐसे चुप हैं जैसे गुड़ खाए बैठे हों। मामले को लेकर सुप...
6 टिप्पणियां:
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