रविवार, 30 अक्तूबर 2016

सैनिकों के साथ दीपावली

 दीपोत्सव  प्रारंभ हो चुका है। समूचे देश में यह पर्व बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। अध्ययन और रोजगार के लिए जो लोग अपने घर से दूर होते हैं, उनका प्रयास रहता है कि दीपावली पर अपने घर पहुँचें। हम देखते हैं कि दीपावली के आसपास रेलगाडिय़ों में पाँव रखने के लिए भी जगह नहीं मिलती है। त्यौहार का आनंद तो परिवार के साथ ही है। इसीलिए दीपावली पर ज्यादातर परिवार एकत्र आ जाते हैं। मानो सब राम छोटे-छोटे वनवास समाप्त कर अपने-अपने अयोध्या पहुंते हैं। लेकिन, हमारे ही आसपास ऐसे अनेक परिवार हैं, जिनके राम नहीं आएंगे। हम सब सुरक्षित वातावरण में सुख और शांति से अपने परिवार के साथ दीपावली मना सकें, इसलिए उन परिवारों के राम सीमा खड़े हैं। अत्याचारी रावण के साथ युद्धरत हैं, उनके राम। हमारी खातिर। हमारी अयोध्या को युद्ध से बचाने के लिए। इसलिए हमारा नैतिक दायित्व बनता है कि सैनिकों के परिवारों से हम मिलें। उन्हें धन्यवाद दें। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस आशय की अपील की है। सैनिकों के प्रति उनकी संवेदनाएं जग जाहिर हैं।
        भोपाल में देश के पहले शौर्य स्मारक का उद्घाटन करते हुए भी उन्होंने कहा था कि जहाँ भी सैनिक दिखें, उनके प्रति सम्मान व्यक्त करें। प्रधानमंत्री सकारात्मक और नवाचारी आग्रहों के लिए ख्यात हैं। बेटियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए उन्होंने सेल्फीविदडॉटर का आग्रह किया था। इस बार दीपावली पर सैनिकों को शुभकामना संदेश भेजने का आग्रह उन्होंने देशवासियों से किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीटर एकाउंट पर चार मिनट का बेहद प्रेरणादायी वीडियो जारी करके यह अपील की है। उस वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा है कि यदि इस देश के सवा सौ करोड़ देशवासी अपने जवानों को दीपावली का शुभकामना संदेश भेजेंगे तो उनका हौसला सवा सौ करोड़ गुना ज्यादा बढ़ जाएगा। इस वीडियो उन्होंने हैशटैग संदेशटूसोल्जर के साथ ट्वीट किया है। अपने प्रधानमंत्री के आग्रह पर देशवासी इसी हैशटैग से ट्वीट कर न केवल सैनिकों को शुभकामना संदेश भेज रहे हैं, बल्कि अपनी दीपावली को सुरक्षित बनाने के लिए आभार भी जता रहे हैं। सिने जगत की प्रमुख हस्तियाँ भी प्रधानमंत्री के इस आग्रह को आगे बढ़ा रही हैं। अनेक संस्थान भी एक दिया शहीदों के नाम, एक दिया देश के नाम और यह दीपावली सैनिकों के साथ जैसे आयोजन कर रहे हैं। 
          उल्लेखनीय है कि सैनिकों के प्रति प्रधानमंत्री मोदी का यह भाव सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बने वातावरण का असर नहीं है। बल्कि, वह पहले से सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करने का संदेश देते रहे हैं। नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी दीपावली सीमा पर जाकर सैनिकों के साथ मनाते हैं। पहली दीवाली उन्होंने सियाचीन में मनाई थी और पिछले वर्ष मोदी अमृतसर में खासा स्थित डोगराई युद्ध स्मारक गए थे। इस बार भी प्रधानमंत्री चीन सीमा पर जाकर सैनिकों के साथ दीपावली मनाएंगे। वे चीन की सीमा से सटे आखिरी गाँव माणा तक जाएंगे और आईटीबीपी जवानों का हौसला बढ़ाएंगे। निश्चित ही देश के प्रधानमंत्री को दीपावली के अवसर पर अपने बीच पाकर सैनिकों का उत्साह बढ़ जाता होगा। सोचिए, जब समूचा देश उनके साथ दीपावली मनाएगा, तब उनके उत्साह कितना अधिक बढ़ जाएगा। वाकई सैनिकों और आम नागरिकों के बीच एक आत्मीय भाव पैदा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का यह प्रयास सराहनीय और अनुकरणीय है। हमें संकल्प करना चाहिए कि केवल यह दीपावली ही नहीं, बल्कि प्रत्येक दीपावली सैनिक एवं उनके परिवार के साथ मनाएंगे। यह भी संकल्प करना चाहिए कि दीपावली ही क्यों, प्रत्येक त्यौहार पर सैनिकों को शुभकामनाएं और धन्यवाद प्रेषित करेंगे। 

2 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन ’नमन भूगोल रचने वाले व्यक्तित्वों को - ब्लॉग बुलेटिन’ में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

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  2. अपने इन वीरों को वांछित स्नेह और सम्मान देना यह हमारा दायित्व है.

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