शनिवार, 19 मार्च 2011

फागवाला चौक

फागवाला चौक : यूं तो यह स्थल सामान्य दिख रहा है। सामान्य है भी।   एक पिछड़ी बस्ती का चौक है यह, लेकिन इसका बड़ा ऐतिहासिक महत्व है।
 अं तरराष्ट्रीय पटल पर ग्वालियर की पहचान संगीत से है। कहते हैं कि अकबर के ३६ श्रेष्ठ संगीतज्ञों में से १५ ग्वालियर के ही थे। शहर की नस-नस में संगीत रचा बसा है। यत्र-तत्र यह आपको बिखरा मिल ही जाएगा। ग्वालियर के शिन्दे छावनी स्थित खल्लासी पुरा बस्ती का एक चौक है फागवाला चौक। फाग से तात्पर्य फाल्गुन मास और होली पर गाए जाने वाले गीतों से है। रियासत काल में यहां एक महीने तक फाग गाईं जाती थीं। परंपरा आज भी जीवित है। बस समय कम हो गया। अब यहां होली के अवसर पर ही फाग गाईं जाती हैं।
शुभकामनाएं
रंगो के त्योहार होली पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह होली सभी के लिए मंगलकारी हो, समृद्धि और विकास की नई राहें खोले। चहुं ओर शांति बढ़े। अरिदल का नाश हो। भ्रष्टाचार का और भ्रष्टाचारियों का पतन हो। पुन: होली की शुभकामनाएं।

5 टिप्‍पणियां:

  1. आपको होली की बहुत बहुत शुभकामनायें !

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  2. बहुत सुन्दर ! उम्दा प्रस्तुती! ! बधाई!
    आपको एवं आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  3. जानकारी के लिये धन्यवाद और होली की शुभकामनायें!

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  4. आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं

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  5. सुंदर लिखा है ... FAAG SE PARICHAY HO GAYA ..
    आपको और समस्त परिवार को होली की हार्दिक बधाई और मंगल कामनाएँ ....

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